पत्नी द्वारा पीड़ित पुरुष और उनके परिवार और NRI पति कृपया ध्यान दें !
सावधान: अगर आप अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत (Complaint) करना चाहते हैं तो रुक जाइये नहीं तो आपकी अपनी शिकायत आपके खुद के खिलाफ उलटी पड़ जायेगी और भारतीय कानून आपकी अबला नारी की ही सुनेगा और आपको पत्नी के खिलाफ अनाप-शनाप बातें लिखने का दोषी करार दिया जाएगा, इसलिए आपको अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत नहीं करनी बल्कि एक स्ट्रांग LTR लगाना है वो भी enforceability के साथ, तभी आपकी पत्नी के खिलाफ कोई एक्शन होगा नहीं तो आप खुद अपनी ही कंप्लेंट / शिकायत में फंस जाओगे | प्यारे प्यारे दोस्तों, अगर आपकी पत्नी आपको झूठे केस में फंसाने की धमकी देती है या गालियां देती है या परेशान  करती है या झूठा मुकदमा करती है तो आपको अपनी पत्नी के खिलाफ तुरंत एक स्ट्रांग LTR (या Silent LTR जो आपकी पत्नी को पता ही नहीं चले) लगा देना चाहिए | LTR के बारे में अधिक जानकारी के लिए ये पूरा पेज ध्यान से पढ़ें | और LTR से सम्बंधित किसी भी प्रकार की मदद के लिए नीचे दिए ईमेल पर संपर्क करें| आपका धन्यवाद दोस्तों| भगवान् (और भारतीय कानून) आपकी मदद करे यही हमारा प्रयास है ताकि कोई भी पत्नी अपने पति या उसके परिवार को झूठे मुकदद्मों के सोशल स्टिग्मा (SOCIAL STIGMA) में न झोंक सके|
संपत्ति के मुकदमों में रिश्तेदारों द्वारा परेशान लोग और NRI लोग यह पढ़ें?
सावधान: अगर आपका कोई रिश्तेदार आपकी संपत्ति हड़पने के लिए आपके खिलाफ झूठी शिकायत (Complaint) या कोर्ट केस करता है और आप वकील करना चाहते हैं तो रुक जाइये नहीं तो आपके सबूत (Evidences) बेचे जा सकते हैं। आपको इस बात का ध्यान रखना है क़ि आपको किसी भी वकील (Advocate) पर आँख मूँद कर विश्वास नहीं करना है नहीं तो आप जीता जिताया कोर्ट केस भी हार जाओगे। और अगर आपकी opposite party ने आपका वकील खरीद लिया तो आपको कोर्ट केस हरवाने के लिए आपका अपना वकील आपके तथ्य तोड़ मरोड़ कर इस तरह लिखेगा क़ि आप कोर्ट केस हार जाओगे और appeal में जाने पर भी कुछ नहीं होगा क्योंकि आपका Right to Representation मारा जा चूका होगा यानि क़ि आपको सोची समझी साजिश के तहत जीता जिताया केस भी हरवा दिया जायेगा। इसलिए अगर आपके पास सबूत हैं तो आपको वकील बिलकुल भी नहीं करना है और आपको सरकारी रिकार्ड्स भी खुद ही निकलवाने हैं या हमें कहिये ताकि आप जिसको भी जो भी पैसा दें वो आपके केस में ही इस्तेमाल हो न क़ि उसको कोई हड़प ले और आपका केस भी बिगड़ दे। ऐसे वकीलों से आपको एकदम सावधान रहने क़ि ज़रुरत है नहीं तो आप डिप्रेशन में चले जाओगे और केस भी हार जाओगे। याद रहे क़ि अगर आपको पुलिस में या कोर्ट केस में कोई भी मदद चाहिए तो हमसे संपर्क कीजिये ताकि हम ईमानदारी से आपके हक़ के लिए काम करें और आपको झूठे मुकदमों के दलदल से विजेता बनकर निकलने में योगदान दे सकें, इसलिए आपको झूठे प्रॉपर्टी या फॅमिली मैटर या मैट्रिमोनियल डिस्प्यूट में कभी वकील (advocate) से बात नहीं करनी है और अपने रिश्तेदारों या अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत नहीं करनी बल्कि एक स्ट्रांग LTR लगाना है वो भी enforceability के साथ, तभी आपको झूठे केस (मुकदमों) से जल्दी मुक्त किया जायेगा अन्यथा नहीं।
किरायेदार की पत्नी, सह कर्मचारी, गर्लफ्रेंड, Rape/354/POCSO से पीड़ित?
सावधान: अगर आपका कोई किरायेदार आपकी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए अपनी पत्नी से आपके खिलाफ झूठी छेड़-छाड़ या बलात्कार (rape) क़ि शिकायत (Complaint) या कोर्ट केस करता है या आपकी गर्लफ्रेंड आपको ब्लैकमेल करके आपसे पैसे हड़पने के लिए झूठा मुकदमा (376 or 354 or 377) करती है या आपके ऑफिस की साथी या (employee) आप से पैसा ऐंठने (extort) करने के लिए झूठा केस करती है या कोई आपको जान से मारने की धमकी देता है या आपकी गर्लफ्रेंड की मम्मी आप लोगों की फ्रेंडशिप तोड़ने के लिए अपनी बेटी की तरफ से आपके ऊपर झूठा POCSO का मुकदमा करवा देती है जिसमे 100% जेल हो सकती है और आप निर्दोष हैं तो आपको अपने कोई भी सबूत या Evidences या Documents या Recordings या वीडियो या Whatsapp Chats किसी वकील को बताने नहीं चाहिए और ना ही उठा कर पुलिस को देने चाहिए नहीं तो आपके सबूत (Evidences Documents Proofs Chats etc) आपकी opposite party को बेचे जा सकते हैं। आपको ऐसे मामलों में किसी भी वकील (Advocate) को नहीं करना है नहीं तो आप से पैसे ऐंठने के लिए पुलिस, वकील,जज,complainant सब मिल जायेंगे और आप जीता जिताया कोर्ट केस या पुलिस कंप्लेंट भी हार जाओगे। और आपको गलती से पाबन्दी नामा sign नहीं करना है नहीं तो आपको पाबन्द कर दिया जायेगा कानूनी तौर से वो भी बिना सबूत के। लेकिन अगर आपने वकालतनामा SIGN कर दिया है तो वकील आपके behalf पर पाबंदिनामा हस्ताक्षर कर के आपको कोर्ट में पेश कर देगा और आपको पाबंद कर दिया जायेगा इसलिए आपको किसी भी मुक़दमे में वकील का वकालतनामा sign नहीं करना और ना ही अपने सबूत या मैटर या FIR नंबर या थाने की लोकेशन या I.O. का नाम तक किसी वकील के साथ share नहीं करना चाहिए नहीं तो आपको कोर्ट केस हरवाने के लिए आपका अपना वकील दूसरी party के वकील के साथ मिलकर आपके तथ्य तोड़ मरोड़ कर इस तरह लिखेगा और आपका RIGHT TO SUE भी खतम करवा दिया जायेगा यानि क़ि आपको सोची समझी साजिश के तहत जीता जिताया केस भी हरवा दिया जायेगा। इसलिए अगर आपके पास सबूत हैं तो आपको वकील बिलकुल भी नहीं करना है और अगर आपको पुलिस में या कोर्ट केस में कोई भी मदद चाहिए तो हमसे संपर्क कीजिये ताकि हम ईमानदारी से आपके हक़ के लिए आपकी मदद कर सकें।
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